Tuesday, August 11, 2020

सुबह की अज़ान

"सुबह की अज़ान"

मेरी सुबह की अज़ान हो तुम,
मेरे चेहरे की मुस्कान हो तुम,
मेरे आत्मविश्वास के पीछे का राज हो तुम,
मेरी हर नब्ज़, हर नज़्म हो तुम,
करूँ जिससे मैं इजहार-ए-इश्क़ वो तलाश-ए-महबूब हो तुम।।

ठहर जाऊ जिसे मैं देख, वो लम्हा हो तुम,
नि:शब्द हो जाऊं जिसे सुन,वह संगीत हो तुम,
जिस संगीत को हर पल गुनगुनाऊं, वो तराना हो तुम,
साज़ हो तुम, अरमान हो तुम,
इस दिल की मीठी सी एहसास हो तुम।।

प्यार, इश्क, चाहत, तलब, नशा हो तुम,
खूबसूरत मंजिल हो तुम,
जो कुछ भी हो तुम, बस इतनी सी हो,
इस कान्हा की रुक्मणी हो तुम,
मेरी जिंदगी की शिरोमणि हो तुम,
इस कान्हा की रुक्मणी हो तुम।।

©परीक्षित जायसवाल

2 comments:

  1. Radhe-Radhe//jai shri krishana.
    Bahut hi saral aur sunder varan kiya hai.
    Wonderful lines.

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