वसुधैव कुटुंबकम
क्या आपको नही लगता कि आज जरूरत है समाज को एक सूत्र में बांधने की । क्योंकि सामाजिक बिखराव से अन्य समस्याएं कम होने की जगह खाद ही पाएंगी ।
आजकल ऐसी ही फ़ूट डालने वाली शक्तियां काम कर रहीं है। दो समुदाओं के बीच घृणा विवाद फ़ैलाने वाली शक्तियां कहीं न कहीं सफलता का रूप ले रही हैं जिसका फ़ायदा देश के नेता भली भाँति उठा रहे हैं ।।
यह सम्प्रदायिकता इसी आधुनिक युग की देन है जो देश के लिए राजनीतिक समस्या बन देश को खाये जा रही है । हमेशा से ही साम्प्रदयिक उन्माद और सांस्कृतिक वर्चस्ववाद की प्रकृति ने समाज को बांटने की कोशिश की है । हम इसमें इतना डूब गए है कि हमें अशिक्षा , भूखमरी , बेकारी तथा ग़रीबी कुछ भी साम्प्रदायिकता के आगे दिखाई नहीं दे रहा । जबकि हमारा देश इस से लंबे समय से जूझ रहा है।
हमे यह ज्ञात है कि हमारा देश एक लोकतांत्रिक देश है और यहाँ हर नागरिक का बिना किसी विभेद के राष्ट्रीय पहचान आयाम है । विविधता के बीच आज एकता और समरसता का नाश हो चुका है । इन सम्प्रदायिक मुद्दों की वजह से ।जबकि हमें यह भी ज्ञात है कि एक समुदाय चाह कर भी एकाकी नहीं कर सकता ।
आप सभी से हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन है कि इस मुद्दे को त्याग कर देश हित में योगदान करें । और आपको पता होना चाहिए कि राजनेता सम्प्रदायों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल कर रहे और फ़ूट डालो राज करो वाली नीति अपना कर अपना उल्लू सीधा कर रहे ।
आपको यह भी पता होना चाहिए कि जब यह नीति अंग्रेजो द्वारा अपनायी गई थी तब एकता के खण्डित होने का त्रासद परिणाम भारत विभाजन के रूप में सामने आया था ।
इसलिए सतर्क रहें!!!
सजग रहें !!!!
धन्यवाद
©परीक्षित
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